क्या आपकी कुंडली में पंचमहापुरुष योग विधमान है ? जानें एस्ट्रो गुरु निरीशजी के द्वारा

पंचमहापुरुष योग

ज्योतिष ज्ञान और गणना के एक सागर के समान है, कई प्रकार के योग के बारे में आपने सुना होगा, आज हम चर्चा कर रहें है (पंचमहापुरुष योग) के बारे में


इस योग में पंच शब्द का प्रयोग पांच ग्रहों (शुक्र, बुध, मंगल, वृहस्पति और शनि) में से किसी भी एक ग्रह की विशिष्ट उपस्थिति से योग उत्पन्न हो सकता है. यदि वर्णित ग्रह अपनी उच्च राशि या स्व राशि में, केंद्र स्थान यानि लग्न, 4th हाउस, 7th हाउस , 10th हाउस में स्थित हो तो यह स्थिति पंच महापुरुष योग का निर्माण करती है. यह पांच ग्रह किन-किन राशियों में इस योग की स्थिति उत्पन्न करते है, निम्नलिखित है :-
रुचक योग (Ruchak Yog) 
जब मंगल ग्रह जातक की कुंडली में अपनी स्वराशि मेष, वृश्चिक या मकर उच्च राशि में कुंडली के केंद्र भाग में अर्थात् लग्न (1st हाउस), 4th हाउस, 7th हाउस , 10th हाउस  में अपनी स्वराशि या उच्च राशि में हो तो रुचक योग बनाता है. इस योग के प्रभाव से जातक साहसी, बली, पराक्रमी और शरीर से मजबूत होता है, वह एक शासक या राजा या सेनापति के समान माना जाता है और न्यायप्रिय होता है.
भद्र योग (Bhadra Yog)
जब जातक की कुंडली में बुध ग्रह अपनी स्वराशि या उच्च राशि में कुंडली के 1,4,7 या 10 हाउस में मिथुन या कन्या राशि का हो तो भद्र योग का निर्माण होता है. इस योग के प्रभाव से जातक सुंदर शरीर वाला, बुद्धिमान और धनवान होता है. वह कम बोलने वाला होता है. वाणी बुद्धि से ही जातक धनवान बनता है. जातक के कई मित्र होते है. वह अच्छा व्यापारी भी होता है.
मालव्य योग (Malvya Yog)
पंच महापुरुष योग में यह तीसरा योग है. यह योग शुक्र ग्रह के अपने स्वराशि या उच्च राशि में कुंडली के फर्स्ट स्थान यानि लग्न, 4th हाउस, 7th हाउस , 10th घर में वृष, तुला या मीन राशि में स्थित होने से मालव्य योग बनता है. इस योग के प्रभाव से जातक सुंदर व आकर्षक चेहरे वाला होता है. ऐसे जातक को संसार के सभी सुख-सुविधा का आनंद प्राप्त होता है. मकान, वाहन और सभी प्रकार के विलासिता युक्त ऐसो आराम प्राप्त होते है. ऐसे जातक को सिनेमा और मोडलिंग के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है.
हंस योग (Hans Yog)
पंचमहापुरुष योग में यह योग गुरु अर्थात् वृहस्पति ग्रह, जब अपनी स्वराशि धनु, मीन या कर्क उच्च राशि में कुंडली के सेन्टर भाग 1,4,7 या 10 स्थान में हो तो हंस योग बनाता है. इस योग के प्रभाव से जातक चरित्रवान, धनवान और आदर्शवादी होता है. अधिक ज्ञानी व उदार स्वभाव का होता है. वह धार्मिक कार्यों में रूचि रखने वाला होता है.
शश योग (Shash Yog)
यह योग शनि जब अपनी स्वराशि या उच्च राशि में कुंडली के उपरोक्त हाउस में स्थित होता है तो शश योग बनाता है. इस योग के प्रभाव से जातक अनेक फैक्ट्री का मालिक होता है. जीवन के सभी सुख प्राप्त होते है. परन्तु जातक का स्वभाव अच्छा नहीं होता है.पराये धन और पराई स्त्री पर उसकी दृष्टि सदैव बनी रहती है|


एस्ट्रो गुरु निरीश जी के बारे में


अगर आप अपनी लाइफ में काफी प्रॉब्लम फेस कर रहे है पर आपको कोई सॉल्यूशन नहीं मिल पा रहा है और आप बहुत से एस्ट्रोलॉजर से कंसल्ट कर चुके है पर कोई आपको सही मार्गदर्शन नहीं दे पा रहा है तो एक बार जरूर अपनी कुंडली एस्ट्रो गुरु निरीश जी को दिखाए । अगर आपको लगता है कि पता नहीं कितनी फीस होगी तो हम सिर्फ आपको ये बताना चाहते है की गुरु जी आपसे सिर्फ ₹ ५०० फीस लेंगे वो भी लाइफटाइम सब्क्रिब्शन के साथ फिर आपको कभी भी एक रूपया भी नहीं देना होगा और कभी भी आप अपने प्रश्न पूछ सकते है कॉल के द्वारा और व्हाट्स एप्प पर जैसा आपको ठीक लगे. एस्ट्रो गुरु निरीश जी का नंबर है +91-8882687456.

वर्ष 2017 में इन राशियों को लगेगी शनि की साढ़े साती, ऐसा बीतेगा साल

ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनिदेव 26 जनवरी 2017 को सायं 21:34 बजे वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। शनिदेव के इस राशि परिवर्तन के कई लोगों को शनि कीसाढ़े सातीऔरढैय्यासे मुक्ति मिलेगी तो कई राशि वालों को शनि की साढ़े साती और ढैय्या लग जाएगी। शनि के धनु में प्रवेश करते ही तुला राशि को साढ़े साती से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी तो वृश्चिक राशि वालों के लिए साढ़ेसाती आरंभ हो जाएगी। इन दोनों राशियों के अलावा भी अन्य कई राशियां इससे बहुत अधिक प्रभावित होंगी।

 best astrologer in delhi


शनि का साढ़े सत्ती और ढैय्या का योग
जब शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्मराशि से बारहवें घर में जाता है तो साढ़ेसाती शुरू हो जाती है। यह प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में तब तक रहता है जब तक शनि बारहवें घर के बाद पहले तथा दूसरे को पार कर तीसरे घर में नहीं जाता। चूंकि शनि एक राशि में ढाई वर्ष रहता है, इसलिए तीन राशियों से गुजरने के कारण शनि की यह दशा कुल साढ़े सात वर्ष रहती है जिसके आधार पर ही इसे साढ़ेसाती कहा जाता है।

शनि की ढैय्या का योग
शनि साढ़े साती या शनि की ढैया की गणना चन्द्र राशि पर आधारित है। इसी प्रकार जन्मकुंडली में लग्न की राशि से गिनती करने पर यदि शनि चौथे या आठवें स्थान पर से गुजरे तो वह छोटी पनौती अर्थात ढैय्या कहलाती है। यह ढाई वर्ष की होती है।

शनि की साढ़े सत्ती का योग
सामान्यतया साढेसाती जहां व्यक्ति के लिए कडे परिश्रम के बाद सौभाग्य लाती हैं वहीं ढैय्या व्यक्ति के लिए दुख लाती है। शनिदेव के अशुभ ग्रहों से युत या दृष्ट होने या नीचस्थ होने के कारण जातक को शनिदेव की साढ़े साती या ढैया की अवधि में शारीरिक या मानसिक कष्ट, रोग, कलह, धनाभाव, अपमान, दु:, अवनति जैसी विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।

इन राशियों पर होगा शनि की साढ़ेसाती का सर्वाधिक असर
शनि के राशि परिवर्तन के चलते तुला राशि की साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 को समाप्त हो जाएगी।
वृश्चिक
राशि की साढ़ेसाती अपने अंतिम चरण में जाएगी और 24 जनवरी 2020 को समाप्त होगी।
धनु
राशि की साढ़ेसाती 18 जनवरी 2023 तक चलेगी।
इस
वर्ष मकर राशि को साढ़ेसाती आरंभ होगी जो 29 मार्च 2025 तक रहेगी।

मेष राशि (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, )
आपकी कुंडली में दसवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी शनि नौवें घर में प्रवेश करेगा जिसके चलते मानसिक तनाव, परेशानियां तथा आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बहुत संभव है कि इस समय के दौरान आपकी कोई पुरानी इच्छा भी पूरी हो जाए।

वृषभ राशि (, , , , वा, वी, वू, वे, वो)
शनि का राशि परिवर्तन आपके लिए मुश्किलों भरा समय ला सकता है। हाथ में आई पैतृक संपत्ति जा सकती है। अथवा व्यापार और नौकरी में हानि उठानी पड़ सकती है।

मिथुन राशि (का, की, कू, , , , के, को, )
आपके लिए शनि का राशि परिवर्तन किसी भी तरह से अनुकूल नहीं रहेगा। वैवाहिक जीवन में मनमुटाव होगा, पार्टनरशिप में चल रहे सौदे खटाई में पड़ सकते हैं। साथ ही आपके लिए कठिन समय आने वाला है।

कर्क राशि (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
गोचर का शनि किसी भी तरह से आपके लिए शुभ नहीं रहेगा। फिलहाल प्रेम संबंधों तथा विवाहित जीवन के लिए उपयुक्त समय नहीं है। नौकरी के क्षेत्र में भी अधिकारियों से बिगाड़ होगा।

सिंह राशि (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शनि का राशि परिवर्तन आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं लाएगा। अपने स्वास्थ्य तथा खान-पान का विशेष ध्यान रखें। अन्य हिसाब से सब कुछ सही रहेगा।

कन्या राशि (ढो, पा, पी, पू, , , , पे, पो)
शनि का धनु राशि में जाना आपके लिए अच्छा समय ला रहा है। नौकरी में पदोन्नति या तरक्की होगी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पैसा दवाई में खर्च हो सकता है। अतः संभल कर रहे और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

तुला राशि (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
तुला राशि के लिए इस वर्ष साढ़ेसाती समाप्त हो रही है। जाती हुई साढ़ेसाती आपके लिए कुछ अच्छा फल देकर जाएगी। साढ़े साती के उतरने के कारण आपको अब तक चली रही समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और आगे की जीवन अच्छा होगा।

वृश्चिक राशि (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपकी राशि से जाता हुआ शनि आपको सुख, सुविधाएं, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा आदि लेकर जाएगा। आपको कोई बहुत बड़ी सफलता मिलेगी, साथ ही कोई पुराना रोग उभर सकता है।

धनु राशि (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
धनु में शनि का आना समस्याओं को लेकर आएगा, हालांकि इस दौरान आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए आपको कई अवसर मिलेंगे। व्यावसायिक रूप से आप तरक्की करेंगे। पारिवारिक तथा विवाहित जीवन में संयम बनाकर रखें, अन्यथा कुछ बड़ा नुकसान हो सकता है।

मकर राशि (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
आपकी कुंडली के अनुसार शनि बारहवें घर में जाएगा जिससे आपको भावी समय में समस्याएं हो सकती हैं। खर्चों में बढ़ोतरी होगी, आर्थिक तथा स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करेंगी।

कुंभ राशि (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
राशि परिवर्तन कर रहा शनि आपके लिए मानसिक चिंता लेकर आएगा। आपको बहुत ज्यादा प्रयासों के बाद सफलता मिलेगी। मन में धैर्य रखें और अपनी हिम्मत टूटने दें। तनाव से दूर रहना ही आपके लिए सफलता और समृद्धि के द्वार खोलेगा।

मीन राशि (दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची)
आप लंबे समय से कहीं दूर यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं तो इस समय आपकी यह मनोकामना पूर्ण हो सकती है। शनि का राशि परिवर्तन आपके लिए अच्छे दिनों की आहट लेकर आ रहा है। आपकी लंबे समय से चली आ रही कोई मनोकामना पूर्ण होगी। शहर से कहीं बाहर भी जाना संभव होगा। आर्थिक लाभ होगा। पारिवारिक स्‍तर और सेहत के लिहाज़ से नाजुक समय है।





शनि की साढ़े साती और उसके उपाय जाने एस्ट्रो गुरु निरीश के साथ और साथ में ये भी जाने की शनि को कैसे शांत 
किया जा सकता है। शनि हमेशा न्याय का प्रतिक माना गया है, अगर आप अच्छे कर्म करोगे तो शनि आपसे खुश रहेंगे अगर आप किसी के साथ छल करेंगे तो वो आपको दंड देंगे क्योंकि आप कुछ भी करे आपको भुगतना इसी भूतल पर होगा। और ज्यादा जानने के लिए आप हमे +91-8882687456 पर कॉल कर सकते है या फिर हमारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते है!!!